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सुख-दुःख बनाम कर्म........ Life lessons

😀😫सुख-दुःख बनाम कर्म........

👌बहुत ही ज्ञानवर्धक कथा जरूर पढ़ें ।👏

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🌺एक बार माता पार्वती ने भगवान शिव से कहा की प्रभु मैंने मृत्यु लोक (धरती) पर देखा है कि जो व्यक्ति पहले से ही अपने प्रारब्ध से दुःखी है आप उसे और ज्यादा दुःख प्रदान करते हैं और जो सुख में में है उसे दुःख नहीं देते है।

✋भगवान ने इस बात को समझाने के लिए माता पार्वती को धरती पर चलने के लिए कहा और दोनों ने मनुष्य रूप में पति-पत्नी का रूप रखा और और एक गावं के पास डेरा जमाया.!

🙏शाम के समय भगवान ने माता पार्वती से कहा की हम मनुष्य रूप में यहाँ आये है इसलिए यहाँ के नियमों का पालन करते हुए हमें यहाँ भोजन करना होगा । अतः मैं भोजन की सामग्री की व्यवस्था करता हूँ तब तक तुम रसोई बनाओ।

🌹भगवान के जाते ही माता पार्वती रसोई में चूल्हे को बनाने के लिए बाहर से ईंटें लेने गईं  और .. गावं में कुछ जर्जर हो चुके मकानों से ईंटें लाकर चूल्हा तैयार कर दिया।
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🌿चूल्हा तैयार होते ही भगवान वहां पर बिना कुछ लाये ही प्रकट हो गए.!

👏माता पार्वती ने उनसे कहा आप तो कुछ लेकर नहीं आये, भोजन कैसे बनेगा ?

🌷भगवान बोले -- पार्वती अब तुम्हें इसकी आवश्यकता नहीं पड़ेगी ।

🍀भगवान ने माता पार्वती से पूछा की तुम चूल्हा बनाने के लिए इन ईटों को कहा से लेकर आई ?

🌴तो माता पार्वती ने कहा-- प्रभु इस गावं में बहुत से ऐसे घर भी हैं जिनका रख रखाव सही ढंग से नहीं हो रहा है।उनकी जर्जर हो चुकी दीवारों से मैं ईंटें निकाल कर ले आई।
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🌳भगवान ने फिर कहा -- जो घर पहले से ख़राब थे तुमने उन्हें और खराब कर दिया तुम ईंटें उन सही घरों की दीवाल से भी तो ला सकती थीं।

🌱माता पार्वती बोली -- प्रभु उन घरों में रहने वाले लोगों ने उनका रख रखाव बहुत सही तरीके से किया है और वो घर सुन्दर भी लग रहे हैं । ऐसे में उनकी सुन्दरता को बिगाड़ना उचित नहीं होता।
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👉भगवान बोले -- पार्वती यही तुम्हारे द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर है ..

⛳जिन लोगो ने अपने घर का रख रखाव अच्छी तरह से किया है यानि सही कर्मों से अपने जीवन को सुन्दर बना रखा है उन लोगों को दुःख कैसे हो सकता है।

😃मनुष्य के जीवन में जो भी सुखी है वो अपने कर्मों के द्वारा सुखी है, और जो दुखी है वो अपने कर्मों के द्वारा दुखी है.😢
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🙏इसलिए मनुष्य को ऐसे कर्म करने चाहिए की इतनी मजबूत व खूबसूरत इमारत खड़ी हो कि कभी भी कोई उसकी ईंट  निकालने न पाए।👌

👏प्रिय मित्र, यह मुश्किल नहीं है ।
👏केवल सकरात्मक सोच एवम् निः स्वार्थ भावना की ही आवश्यकता है ।
#jaydwarkadheesh #श्रीहरी #श्रीराजधिराज
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हमारी ओर से हार्दिक शुभकामनायें तथा सही मार्ग का चयन करने के लिए बधाई ।
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷

Comments

  1. II જય દ્વારકાધીશ II

    ReplyDelete
  2. KARM KIYE JA FAL KI ECHA NA KAR INSAN KARM ACHAI TO FAL BHAGWAN KHUD DATAI HAI OM NAMAH SHIVAY
    SUNNY BHATIA DELHI

    ReplyDelete

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